शिवरात्रि – Shivratri 2020

आने वाले त्यौहार: 17 August 2020

शिवरात्रि साल मे 12/13 बार आने वाला मासिक त्यौहार है, जो पूर्णिमा से एक दिन पहिले त्रियोदशी के दिन आता है। शिवरात्रियों में से दो सबसे अधिक प्रसिद्ध हैं, फाल्गुन त्रियोदशी महा शिवरात्रि के नाम से प्रसिद्ध है और दूसरी सावन शिवरात्रि के नाम से जानी जाती है। यह त्यौहार भगवान शिव-पार्वती को समर्पित है, इस दिन भक्तभगवान शिव के प्रतीक शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाते हैं। ( Shivratri 2020 ).

शिवतेरश

हिंदू पंचांग के अंतर्गत प्रत्येक माह के तेरहवें दिन को संकृत भाषा में त्रियोदशी कहा जाता है। और प्रत्येक माह में कृष्ण और शुक्ल दो पक्ष होते हैं अतः त्रियोदशी एक माह में दो वार आती है। परंतु कृष्ण पक्ष के तेरहवें दिन आने वाली त्रियोदशी भगवान शिव की अति प्रिय है। भगवान शिव के प्रिय होने के कारण इस तिथि को शिव के साथ जोड़ कर साधारण भाषा में शिवतेरश कहा जाने लगा।

महा शिवरात्रि (11 March 2021)

महाशिवरात्रि, भगवान शिव की पार्वती देवी से शादी का दिन है, इसलिए भक्तगण महा शिवरात्रि को गौरी-शंकर की शादी की सालगिरह के रूप में मानते हैं। इस दिन ब्रत में, कुछ भक्तों को बिना पानी के ब्रत रहिते देखा गया है। आज के दिन भक्त शिवलिंग को दूध, दही, शहद, गुलाब जल, आदि के साथ हर तीन घंटे के अंतराल मे सारी रात पूजा करते हैं।

आज का दिन दो महान प्राकृतिक शक्तियों, रजस एवं तमस के एक साथ आने का दिन है। शिवरात्रि व्रत इन दोनों शक्तियों का सही नियंत्रण है। वासना, क्रोध, और ईर्ष्या जैसे बुराइयों को नियंत्रण कर सकते हैं। हर तीन घंटे शिवलिंग की पूजा के एक दौर आयोजित किया जाता है। सदगुरु के अनुसार, इस रात को ग्रहों की स्थिति कुछ ऐसी होती है कि मानव तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह प्राकृतिक रूप से ऊपर की ओर होता है। अतः योगी साधक भक्त शरीर को सीधी स्थिति में रखते हैं, और सारी रात सोते नहीं हैं।

पृथ्वी की रचना पूरी होने के बाद, पार्वती जी ने भगवान शिव से पूछा कि भक्तों के कौनसे अनुष्ठानों से आपको सबसे ज़्यादा प्रशन्नता होती है। भगवान ने कहा है कि, फाल्गुन के महीने के दौरान शुक्लपक्ष की 14वीं रात मेरा पसंदीदा दिन है। ( Shivratri 2020 ).

सोमवार का दिन भगवान शिव से जोड कर देखा जाता है। महाशिवरात्रि और सोमवार दोनों एक दिन होना शिवभक्तों के लिए बहुत ही शुभ है। विवाह योग्य युवक – युवतियां विवाह योग के लिये शिवजी का अभिषेक करते हैं।

सावन शिवरात्रि (19 July 2020)

सावन शिवरात्रि को काँवर यात्रा का समापन दिवस भी कहा जाता है, जो मानसून के श्रावण (जुलाई-अगस्त) के महीने मे आता है। हिंदू तीर्थ स्थानों हरिद्वार, गौमुख व गंगोत्री, सुल्तानगंज में गंगा नदी, काशी विश्वनाथ, बैद्यनाथ, नीलकंठ और देवघर सहित अन्य स्थानो से गंगाजल भरकर, अपने – अपने स्थानीय शिव मंदिरों में इस पवित्र जल को लाकर चढ़ाया जाता है। ( Shivterash 2020 )

भगवान शिव का सबसे प्रवित्र दिन शिवरात्रि, सकारात्मक उर्जा का श्रोत है, इसलिए जल चढ़ाने के लिए पूरा दिन ही पवित्र और शुभ माना गया है। पर जल चढ़ाते समय आगे और पीछे की तिथि के संघ को ध्यान में रखें।

Video :-

शिवरात्रि साल मे 12/13 बार आने वाला मासिक त्यौहार है, जो पूर्णिमा से एक दिन पहिले त्रियोदशी के दिन आता है।

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आवृत्ति
मासिक
समय1 दिन
सुरुआत तिथि
कृष्णा त्रयोदशी
समाप्ति तिथि
कृष्णा त्रयोदशी
महीना
हर महीने की त्रयोदशी; शिवरात्रि: फरवरी
मंत्र
ॐ नमः शिवायः, बोल बम, बम बम, बम बम भोले, हर हर महादेव
कारण
भगवान शिव का पसंदीदा दिन, शिव की शादी की सालगिरह।
उत्सव विधि
व्रत, पूजा, व्रत कथा, भजन-कीर्तन, गौरी-शंकर मंदिर में पूजा, रुद्राभिषेक
महत्वपूर्ण जगह
सभी ज्योतिर्लिंग, ऋषिकेश, पशुपतिनाथ, श्री शिव मंदिर
पिछले त्यौहार
Sawan Shivaratri: 19 July 2020, 19 June 2020, 20 May 2020, 20 April 2020, 22 March 2020, Maha Shivaratri: 21 February 2020, 22 January 2020, Sawan Shivaratri: 30 July 2019, Maha Shivaratri: 4 March 2019, Sawan Shivaratri: 9 August 2018, Maha Shivaratri: 13 February 2018, Sawan Shivaratri: 21 July 2017, Maha Shivaratri: 24 February 2017

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